भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए यूएन और अफगानिस्तान का मजबूत बचाव किया है। भारत ने पाकिस्तान की कार्रवाई को “पाखंड” और “अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया।
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि पाकिस्तान ने UNAMA (United Nations Assistance Mission in Afghanistan) और महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर बहुपक्षवाद का मजाक उड़ाया है।
भारत का सख्त रुख
हरीश ने कहा, “बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र का समर्थन कोई ‘आपकी पसंद का मेन्यू’ नहीं है।”
उन्होंने रमजान के पवित्र महीने में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों को “पाखंड का बेहतरीन उदाहरण” बताया। भारत ने नागरिकों की मौत पर महासचिव की चिंता को दोहराते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
नागरिकों पर हमले की रिपोर्ट
महासचिव की रिपोर्ट के अनुसार, 26 जनवरी से 31 मार्च 2025 के बीच अफगानिस्तान में 372 नागरिक मारे गए और 392 घायल हुए। इनमें से अधिकांश मौतें पाकिस्तानी हवाई हमलों से हुईं।
16 मार्च को काबुल के ओमिड ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल पर हुए हवाई हमले में अकेले कम से कम 269 लोग मारे गए और 122 घायल हुए, जिनमें ज्यादातर मरीज थे।
पी. हरीश ने कहा, “आम नागरिकों की हत्या करना, उन्हें अपंग बनाना और अनाथ करना आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई नहीं है। किसी नरसंहार को सैन्य कार्रवाई का नाम देकर खुद को बरी नहीं किया जा सकता।”
UNAMA को भारत का पूरा समर्थन
भारत ने UNAMA के काम की सराहना करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र मिशन को पूर्ण समर्थन प्राप्त है। भारत ने जांच कर जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की UNAMA की मांग का भी समर्थन किया।
पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि ने UN रिपोर्ट पर सवाल उठाए और अपने हमलों को आतंकवाद-रोधी कार्रवाई बताया था, जिसका भारत ने करारा जवाब दिया। यह घटना पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव को दर्शाती है, जबकि भारत ने स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय कानून, नागरिक सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रियाओं का समर्थन किया है।


















