उन्होंने महान फिल्मकार राज कपूर के मार्गदर्शन में फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने निर्देशक राहुल रवैल के साथ भी काम किया और ‘बेताब’ तथा ‘अर्जुन’ जैसी फिल्मों में सहायक के तौर पर अनुभव हासिल किया। फिल्म निर्माण की इसी पृष्ठभूमि ने उन्हें आगे चलकर निर्देशन में अपनी शैली विकसित करने में मदद की। वह पर्दे पर कहानी को मनोरंजक अंदाज में पेश करने और एक्शन तथा भावनात्मक दृश्यों को जोड़ने के लिए जाने गए। रोहित शेट्टी को भी दिया शुरुआती अनुभव कुकू कोहली के करियर की एक महत्वपूर्ण कड़ी निर्देशक रोहित शेट्टी से भी जुड़ी है। रोहित शेट्टी ने अपने शुरुआती दौर में कुकू कोहली के साथ सहायक के रूप में काम किया था। बाद में रोहित शेट्टी ने बॉलीवुड में एक्शन और कॉमेडी फिल्मों के बड़े निर्देशकों में अपनी पहचान बनाई। इस तरह कुकू कोहली का प्रभाव केवल उनकी अपनी फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने साथ काम करने वाले कई लोगों को फिल्म निर्माण की प्रक्रिया समझने और इंडस्ट्री में आगे बढ़ने का अवसर दिया। फिल्म जगत ने खोया अनुभवी फिल्मकार कुकू कोहली का करियर कई दशकों में फैला रहा। उन्होंने ऐसे दौर में फिल्में बनाईं, जब हिंदी सिनेमा में एक्शन, रोमांस और मसाला फिल्मों का खासा प्रभाव था। उनकी फिल्मों ने दर्शकों को मनोरंजन दिया और कई कलाकारों के करियर को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।
‘फूल और कांटे’ के निर्देशक कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में निधन

‘फूल और कांटे’ के निर्देशक कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में निधन
हिंदी फिल्म जगत के जाने-माने फिल्ममेकर और निर्देशक कुकू कोहली का मंगलवार शाम मुंबई में 77 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने फूल और कांटे के जरिए अभिनेता अजय देवगन को बॉलीवुड में लॉन्च किया था। कोहली का निधन मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में हुआ, जहां वह पिछले कुछ दिनों से उपचार करा रहे थे। परिवार से जुड़े लोगों और फिल्म जगत के सूत्रों के मुताबिक, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।
कुकू कोहली के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। पर्दे के पीछे रहकर कई कलाकारों और तकनीशियनों को अवसर देने वाले कोहली को खास तौर पर अजय देवगन के करियर की शुरुआत कराने के लिए याद किया जाता है। 1991 में रिलीज हुई ‘फूल और कांटे’ उनकी निर्देशित पहली फिल्म थी और इसी फिल्म से अजय देवगन ने बतौर मुख्य अभिनेता हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और अजय देवगन के लिए मजबूत शुरुआत साबित हुई।
कुछ दिन पहले अस्पताल में हुए थे भर्ती रिपोर्टों के मुताबिक, कुकू कोहली की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, उन्हें हृदय संबंधी समस्या हुई थी और उपचार के दौरान स्टेंट भी लगाया गया था। मंगलवार शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें बचाया नहीं जा सका। कुकू कोहली के निधन की पुष्टि उनकी पत्नी और अभिनेत्री अरुणा ईरानी के प्रवक्ता तथा उनके करीबी लोगों की ओर से की गई। रिपोर्टों के अनुसार, अंतिम संस्कार गुरुवार को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में किया जाना है।
अरुणा ईरानी और परिवार में छोड़ा शोक कुकू कोहली के परिवार में उनकी पत्नी, वरिष्ठ अभिनेत्री अरुणा ईरानी हैं। उनकी पहली शादी रीटा कोहली से हुई थी। पहली शादी से उनकी दो बेटियां पूजा कोहली और करिश्मा कोहली हैं। पूजा फिल्म निर्माण से जुड़ी हैं, जबकि करिश्मा कोहली भी फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में काम कर चुकी हैं। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी का रिश्ता लंबे समय से फिल्म जगत में जाना-पहचाना रहा है। अरुणा ईरानी ने हिंदी सिनेमा में अभिनेत्री के तौर पर लंबा और सफल करियर बनाया है। ‘फूल और कांटे’ में भी वह नजर आई थीं, यानी कोहली और अरुणा ईरानी का पेशेवर जुड़ाव भी रहा।
अजय देवगन के करियर की मजबूत शुरुआत कुकू कोहली का नाम अजय देवगन के फिल्मी सफर से हमेशा के लिए जुड़ गया। ‘फूल और कांटे’ में अजय देवगन के साथ मधु, अमरीश पुरी, अरुणा ईरानी और जगदीप जैसे कलाकार थे। फिल्म में एक्शन और रोमांस का मिश्रण दर्शकों को पसंद आया। फिल्म की सफलता ने अजय देवगन को रातोंरात पहचान दिलाई और आगे चलकर वह हिंदी सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल हुए। अजय देवगन के लिए यह फिल्म इसलिए भी खास रही क्योंकि इसी से उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण पुरस्कार मिला था। इस तरह कुकू कोहली ने न केवल एक सफल फिल्म दी, बल्कि हिंदी सिनेमा को एक ऐसे अभिनेता से भी परिचित कराया, जिसने आगे चलकर दशकों तक अपनी अलग पहचान बनाई। डिजिटल डिक्शनरी और इनसाइक्लोपीडिया चुनना कई लोकप्रिय फिल्मों का किया निर्देशन ‘फूल और कांटे’ की सफलता के बाद कुकू कोहली ने कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया। उनके निर्देशन में ‘कोहराम’, ‘सुहाग’, ‘हकीकत’, ‘अनाड़ी नंबर 1’, ‘जुल्मी’ और ‘ये दिल आशिकाना’ जैसी फिल्में आईं। उनकी फिल्मों में एक्शन, रोमांस और पारिवारिक भावनाओं का मिश्रण देखने को मिलता था। 1994 में आई ‘सुहाग’ में अजय देवगन और अक्षय कुमार की जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया। फिल्म में करिश्मा कपूर और नगमा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थीं। ‘हकीकत’ और ‘जुल्मी’ जैसी फिल्मों के जरिए भी कोहली ने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाए रखी। उनकी बाद की फिल्मों में ‘ये दिल आशिकाना’ भी शामिल रही। वर्ष 2004 में रिलीज हुई ‘वो तेरा नाम था’ को उनकी अंतिम निर्देशित फिल्मों में माना जाता है। इसके बाद उन्होंने निर्देशन से दूरी बनाए रखी। राज कपूर के मार्गदर्शन में सीखा सिनेमा कुकू कोहली के फिल्मी सफर की शुरुआत निर्देशन की कुर्सी से नहीं हुई थी।
डिजिटल डिक्शनरी और इनसाइक्लोपीडिया चुनना विशेष रूप से अजय देवगन के करियर से उनका नाम हमेशा जुड़ा रहेगा। ‘फूल और कांटे’ के जरिए उन्होंने जिस अभिनेता को दर्शकों के सामने पेश किया, वही आगे चलकर हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे सफल और सम्मानित कलाकारों में शामिल हुआ। कुकू कोहली के निधन से हिंदी फिल्म उद्योग ने एक ऐसे फिल्मकार को खो दिया है, जिसने कैमरे के पीछे रहकर फिल्म निर्माण की कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनकी फिल्मों और उनसे जुड़े कलाकारों के करियर में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। 77 वर्ष की उम्र में उनके निधन से परिवार, मित्रों और फिल्म जगत में शोक का माहौल है।

















