भारी बारिश के बीच जलाशयों का सुरक्षित संचालन जारी, सोंढूर नदी किनारे अलर्ट

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भारी बारिश के बीच जलाशयों का सुरक्षित संचालन जारी, सोंढूर नदी किनारे अलर्ट

धमतरी जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा के बीच सोंढूर, दुधावा और गंगरेल जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती जल आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तीनों जलाशयों के सुरक्षित संचालन और संभावित बाढ़ प्रबंधन के लिए नियंत्रित एवं चरणबद्ध जल निकासी शुरू कर दी है। प्रशासन ने सोंढूर नदी के किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार सोंढूर जलाशय से कैनाल के माध्यम से नियंत्रित रूप से पानी दुधावा जलाशय की ओर आज बुधवार काे छोड़ा जा रहा है। साथ ही बढ़ती जल आवक को ध्यान में रखते हुए सोंढूर से दुधावा और दुधावा से गंगरेल जलाशय तक क्रमबद्ध जल स्थानांतरण किया जा रहा है, ताकि तीनों जलाशयों का संचालन सुरक्षित बना रहे। वर्तमान में दुधावा जलाशय अपनी कुल क्षमता के 81.14 प्रतिशत तक भर चुका है, जहां 4,440 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। सोंढूर जलाशय 75.02 प्रतिशत क्षमता पर पहुंच गया है और वहां 2,205 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि गंगरेल जलाशय अपनी क्षमता के 50.04 प्रतिशत पर है, जहां 6,261 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। विभागीय अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी कर आवश्यकतानुसार जल निकासी का नियमन कर रहे हैं। इधर सोंढूर जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जल आवक बढ़कर 15,256 क्यूसेक तक पहुंच गई है। स्थिति को देखते हुए सोंढूर बांध से सोंढूर नदी में 5,000 क्यूसेक पानी नियंत्रित रूप से छोड़ा जा रहा है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर जल निकासी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है, जिसके चलते सोंढूर नदी किनारे बसे क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह दुधावा जलाशय में 7,454 क्यूसेक पानी की आवक होने पर वहां से 3,000 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जो आगे गंगरेल जलाशय में पहुंचेगा। नवीनतम जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर दो बजे गंगरेल (रविशंकर सागर) जलाशय का जलस्तर 344.12 मीटर दर्ज किया गया। जलाशय में 12,522 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 150 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंगरेल जलाशय अपनी कुल भंडारण क्षमता के 50.86 प्रतिशत तक भर चुका है और लगातार बढ़ती जल आवक को देखते हुए विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आवश्यकता पड़ने पर जल निकासी को चरणबद्ध और नियंत्रित तरीके से बढ़ाया जाएगा। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जलाशयों, नदी-नालों और जल प्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें तथा नदी-नालों और जलाशयों के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचें। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों और पशुपालकों से अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का आग्रह किया है।

कलेक्टर ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति या असामान्य जल प्रवाह की जानकारी तत्काल जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय पर राहत एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी जलाशयों का संचालन पूरी सतर्कता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जा रहा है तथा आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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