नेपाल में बाघों की संख्या बढ़कर 429 हो गई है। इसमें चितवन नेशनल पार्क में बाघों की संख्या सबसे अधिक 145 है। इसके बाद बर्दिया राष्ट्रीय निकुंज में 112, पर्सा राष्ट्रीय निकुंज में 71, बांके राष्ट्रीय निकुंज में 51 और शुक्लाफांटा राष्ट्रीय निकुंज में 50 बाघ हैं।
वन एवं वातावरण मंत्रालय ने 'अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस' के अवसर पर 'बाघ गणना रिपोर्ट 2026' जारी की। वन एवं वातावरण मंत्री गीता चौधरी ने इस रिपोर्ट का अनावरण किया। नवीनतम राष्ट्रीय बाघ गणना के अनुसार हाल के वर्षों में संरक्षित क्षेत्रों और प्राकृतिक आवास प्रबंधन (हैबिटैट मैनेजमेंट) में हुए सुधारों के कारण बाघों की संख्या में यह वृद्धि हुई है।
मंत्रालय 2009 से नियमित रूप से बाघ गणना आयोजित कर रहा है। नेपाल में हर चार साल में बाघों की गणना की जाती है। वर्ष 2022 में हुई पिछली गणना में नेपाल में 355 बाघ दर्ज किए गए थे। उस समय चितवन में 128, बर्दिया में 125, पर्सा में 41, शुक्लाफांटा में 36 और बांके में 25 बाघ थे।नेपाल में 2010 में 121, 2014 में 198, 2018 में 235, 2022 में 355 और अब 2026 में 429 बाघ दर्ज किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित बाघ सम्मेलन के बाद हुई थी, जिसका उद्देश्य बाघों की घटती आबादी को रोकना और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण को बढ़ावा देना है।
नेपाल में बाघों की संख्या बढ़कर हुई 429, सबसे अधिक चितवन नेशनल पार्क में

















