कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, साजा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में बीते दिवस कारगिल विजय दिवस श्रद्धा, सम्मान एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के अद्वितीय साहस, शौर्य एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन तथा सेवा भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत विद्यार्थियों के लिए भाषण, पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कारगिल के वीर सैनिकों के शौर्य, राष्ट्रभक्ति एवं मातृभूमि के प्रति समर्पण को अपने विचारों, कलात्मक प्रस्तुतियों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय चेतना तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना था।
इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रसेवा की शपथ भी दिलाई गई। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने तथा समाज एवं राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गोविंद प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं, बल्कि भारत के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर जवानों ने अपने अद्वितीय पराक्रम और अनुशासन से यह सिद्ध किया कि राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। उनका जीवन प्रत्येक युवा के लिए देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रसेवा की अमिट प्रेरणा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सैनिकों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अनुशासन, ईमानदारी, सेवा भावना और राष्ट्रहित को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाएं तथा देश के विकास और सामाजिक उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में डॉ. ओम कुमार नेताम, डॉ. ज्योति बाला, डॉ. सुप्रिया ठाकुर एवं डॉ. सृष्टि सिंह परिहार की विशेष उपस्थिति रही। सभी प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कारगिल के अमर शहीदों के त्याग, शौर्य एवं राष्ट्रभक्ति को सदैव स्मरण रखने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संदेश दिया।















