जुनिपर ग्रीन के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज का ऐलान, 30 जुलाई को खुलेगा इश्यू


व्यापार 27 July 2026
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जुनिपर ग्रीन के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज का ऐलान, 30 जुलाई को खुलेगा इश्यू

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी जुनिपर ग्रीन एनर्जी के पब्लिक इश्यू (आईपीओ) के लिए प्राइस बैंड और उसके लॉट साइज की घोषणा कर दी गयी है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 214 रुपये से लेकर 225 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 66 शेयर का है। इस इश्यू के जरिये कंपनी मार्केट से 1,800 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

जुनिपर ग्रीन एनर्जी का ये इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 30 जुलाई को खुलेगा। निवेशक इसमें तीन अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद चार अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि पांच अगस्त को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर छह अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 66 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,850 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,050 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1,800 करोड़ रुपये के कुल आठ करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

जुनिपर ग्रीन एनर्जी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 40.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 36.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 40.46 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 424.45 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 569.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 804.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 2,671.70 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 5,502.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 12,920.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 108.21 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 116.29 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 113.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1,555.14 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 2,870.91 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,934.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 370.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 485.69 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 692.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

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