केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मजबूत और समान स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।


देश 11 September 2026
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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मजबूत और समान स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मजबूत, अधिक लचीली और न्यायसंगत स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों में योगदान देने और क्षेत्रीय साझेदारी को सुदृढ़ करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है। मंत्री ने ये बातें तिमोर-लेस्ते के दिली में वर्चुअल रूप से आयोजित डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र को संबोधित करते हुए कही।
 
श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करना, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना और संक्रामक एवं गैर-संक्रामक दोनों रोगों पर केंद्रित कार्रवाई करना जारी रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिस्पर्धी पारिश्रमिक, कठिन क्षेत्र भत्ते, विशेषज्ञता सेवाओं का आंतरिक उपयोग, प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन और निश्चित अवधि की नियुक्तियों सहित कठिन क्षेत्रों में विशेषज्ञों की उपलब्धता और उन्हें बनाए रखने के लिए नवोन्मेषी और लचीले दृष्टिकोण अपना रही है। उन्होंने आगे कहा कि भारत ई-संजीवनी जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से भौगोलिक बाधाओं को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठा रहा है, ताकि टेली-परामर्श, रेफरल और देखभाल की निरंतरता को सुगम बनाया जा सके, विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए।
 
सत्र में भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह सम्मान पिछले एक दशक में मातृ एवं नवजात टेटनस उन्मूलन को बनाए रखने में भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी उपलब्धियों और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के माध्यम से गैर-संक्रामक रोगों से निपटने में भारत के नेतृत्व को मान्यता देता है।
 
श्री नड्डा ने कहा कि यह पुरस्कार न केवल सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की मान्यता है, बल्कि देश के स्वास्थ्य सेवा कर्मियों, विशेष रूप से अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की भी मान्यता है, जो आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने, अंतिम छोर तक पहुंचने और यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास करते हैं कि हमारे स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। उन्होंने विशेष देखभाल में स्वास्थ्य समानता के लिए मानव संसाधन संबंधी घोषणा को अपनाने पर भी प्रकाश डाला। श्री नड्डा ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि स्वास्थ्य कार्यबल का विस्तार गुणवत्तापूर्ण विशेष स्वास्थ्य देखभाल तक समान पहुंच में तब्दील हो, विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए।

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