कुलदीप निगम वृद्धाश्रम के 37 वर्ष पूर्ण, वरिष्ठ पत्रकारों एवं समाजसेवियों का सम्मान


छत्तीसगढ़ 11 September 2026
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कुलदीप निगम वृद्धाश्रम के 37 वर्ष पूर्ण, वरिष्ठ पत्रकारों एवं समाजसेवियों का सम्मान

रायपुर  रायपुर के प्रथम वृद्धाश्रम के रूप में 10 सितंबर 1989 को शुरू हुए छत्तीसगढ़ बाल एवं वृद्ध कल्याण परिषद द्वारा संचालित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम, माना कैंप ने अपनी सेवा यात्रा के 37 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर वृद्धाश्रम परिसर में “बुजुर्गों का सम्मान और हमारी संस्कृति की पहचान” विषय पर परिचर्चा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने बुजुर्गों के सम्मान, बदलते सामाजिक परिवेश और परिवार में वरिष्ठजनों की भूमिका पर अपने विचार रखे।

बुजुर्गों का सम्मान हमारी संस्कृति का हिस्सा
परिचर्चा की शुरुआत वक्ता राहुल सिंह परिहार ने की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में बुजुर्गों का सम्मान पूजा के समान माना गया है। नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और इस परंपरा को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वृद्धाश्रम के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार निगम ने आश्रम की स्थापना के उद्देश्य और 37 वर्षों की सेवा यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शुरुआत में निराश्रित बुजुर्गों की सेवा का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन समय के साथ परिवार से तिरस्कृत और उपेक्षित बुजुर्गों को भी आश्रय देकर उनकी सेवा का संकल्प लिया गया।

उन्होंने बताया कि आश्रम से जुड़े दिवंगत बुजुर्गों के देहदान का भी निर्णय लिया गया है। अब तक आश्रम के माध्यम से 9 लोगों का देहदान एम्स रायपुर और बालाजी मेडिकल कॉलेज, रायपुर में किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 37 वर्षों के दौरान अनेक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन वृद्धाश्रम बुजुर्गों की निरंतर सेवा के अपने संकल्प पर आज भी कायम है।

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