भारत का एफएम रेडियो परिदृश्य आने वाले वर्षों में एक बड़े तकनीकी बदलाव की दहलीज़ पर खड़ा है। निजी एफएम प्रसारक और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता एनालॉग से डिजिटल एफएम की ओर संक्रमण के लिए एचडी रेडियो को अपनाने की दिशा में स्पष्ट रुचि दिखा रहे हैं।
29 से 31 जनवरी 2026 के बीच भारत मंडपम में आयोजित ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी (बीईएस) एक्सपो में हुई चर्चाओं से यह संकेत मिला कि उद्योग जगत में एचडी रेडियो को लेकर व्यापक सहमति बन रही है। प्रसारकों ने इसे एक भरोसेमंद, सिद्ध और स्केलेबल डिजिटल रेडियो तकनीक बताया, वहीं उपकरण निर्माताओं ने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) से नीतिगत स्पष्टता मिलते ही वे स्मार्टफोन, फीचर फोन, ब्लूटूथ स्पीकर और ऑटोमोबाइल्स में डिजिटल रेडियो रिसीवर को शामिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नोएडा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन एंड टेस्टिंग सेंटर (ईडीटीसी) ने स्वदेशी रूप से स्टैंडअलोन रेडियो रिसीवर और एचडी रेडियो-सक्षम ब्लूटूथ स्पीकर जैसे उपभोक्ता उत्पाद विकसित कर लिए हैं। किफायती शुरुआती कीमतों पर उपलब्ध ये डिवाइस डिजिटल रेडियो को बड़े पैमाने पर अपनाने में सहायक होंगे और देश में एक मज़बूत रिसीवर इकोसिस्टम की नींव रखेंगे।
प्रसारकों और डिवाइस निर्माताओं के बीच एचडी रेडियो को लेकर बनी सहमति के साथ, उद्योग के हितधारकों ने भारत में उपलब्ध विशाल उपकरण आधार को एक बड़ी ताकत के रूप में रेखांकित किया है। उनका मानना है कि सीमित स्तर पर भी अपनाने से डिजिटल रेडियो बहुत तेजी से लाखों उपभोक्ताओं तक पहुँच सकता है, जिससे नई पीढ़ी के लिए “हर जेब में रेडियो” की अवधारणा को फिर से जीवंत किया जा सकेगा।



















