नेपाल में बाढ़ प्रभावितों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था में जुटी सरकार


विदेश 22 September 2026
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नेपाल में बाढ़ प्रभावितों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था में जुटी सरकार

काठमांडू, 22 सितंबर । नेपाल सरकार ने रसुवा के भोटेकोशी बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। बुनियादी ढांचा विकास मंत्रालय तथा भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामले और सामान्य प्रशासन मंत्रालय इस काम को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।

इस अभियान में बाढ़ प्रभावित स्थानीय निकाय भी सहयोग कर रहे हैं। भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्रालय के सचिव की संयोजकता में गठित समिति में विभिन्न विभागों के चार महानिदेशक और सभी प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय निकाय प्रमुख शामिल हैं। संबंधित स्थानीय निकाय अपने-अपने क्षेत्रों की जरूरतों का विवरण समिति को उपलब्ध करा रहे हैं।

सरकार के फैसले के अनुसार, यदि बाढ़ प्रभावित नागरिक खुद किराए पर कमरा लेकर रहना चाहते हैं, तो चार सदस्यों तक के परिवार को हर महीने 15 हजार नेपाली रुपये दिए जाएंगे। चार से अधिक सदस्य होने पर प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के लिए 2 हजार नेपाली रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय पहले ही लिया जा चुका है।

वहीं, जिन प्रभावित परिवारों के पास किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर जमीन है, वहां सरकार मॉड्यूलर घर बनाने की तैयारी कर रही है। जिन परिवारों के पास सुरक्षित जमीन भी नहीं है, उनके लिए सरकार खुद जमीन की व्यवस्था करेगी और वहां मॉड्यूलर घर बनाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक विवरण जुटाने का काम जारी है।

भूमि मंत्रालय ने सुरक्षित जमीन की पहचान का काम तेज कर दिया है, जबकि भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्रालय मॉड्यूलर घरों की व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर रहा है।

सरकार के प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 60 प्रतिशत परिवार किराए के कमरे में रहने का विकल्प चाहते हैं। वहीं, 20 प्रतिशत परिवार अपनी जमीन पर घर की व्यवस्था चाहते हैं, जबकि अन्य 20 प्रतिशत परिवारों के पास सुरक्षित जमीन भी नहीं है।

सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के स्थायी पुनर्वास के लिए भी काम शुरू कर दिया है। प्रारंभिक योजना के तहत प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस एक नया शहर विकसित कर वहां पुनर्वासित करने की अवधारणा पर काम किया जा रहा है।

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