चेरी स्वाद में खट्टी-मीठी और देखने में बेहद आकर्षक फल होती है। लाल, गहरे लाल या कभी-कभी पीले रंग की चेरी को लोग ताजा फल के रूप में खाने के साथ-साथ जूस, स्मूदी, डेजर्ट और सलाद में भी इस्तेमाल करते हैं। यह छोटा-सा फल कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है और संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है। चेरी में विटामिन C, पोटैशियम, फाइबर और कई एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं।
चेरी की सबसे खास बात इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट माने जाते हैं। चेरी में एंथोसाइनिन जैसे पौधों के यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाव में योगदान कर सकते हैं। यही कारण है कि रंगीन फलों को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है।
चेरी में मौजूद विटामिन C सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी पोषक तत्व है। यह शरीर में कोलेजन बनाने में भी भूमिका निभाता है, जो त्वचा और अन्य ऊतकों के लिए महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, केवल चेरी खाने से किसी बीमारी से बचाव की गारंटी नहीं होती।
चेरी में फाइबर भी पाया जाता है। फाइबर पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में योगदान दे सकता है। इसलिए मौसम के अनुसार सीमित मात्रा में चेरी को फल के रूप में खाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
चेरी में पोटैशियम भी मौजूद होता है। पोटैशियम शरीर में सामान्य मांसपेशियों और तंत्रिका कार्यों के साथ-साथ सामान्य रक्तचाप बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा चेरी में पानी की मात्रा भी होती है, इसलिए यह शरीर को कुछ मात्रा में हाइड्रेशन प्रदान करती है।
कुछ अध्ययनों में टार्ट चेरी और नींद या व्यायाम के बाद रिकवरी से जुड़े संभावित लाभों पर भी शोध किया गया है। हालांकि, इन प्रभावों के लिए उपलब्ध प्रमाण अलग-अलग हैं और चेरी को किसी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं देखना चाहिए।
चेरी खाते समय इसकी गुठली को निकालकर ही खाना चाहिए। गुठली को चबाना या पीसकर खाना उचित नहीं है। बाजार में मिलने वाली मीठी चेरी के अलावा सूखी या सिरप वाली चेरी में अतिरिक्त चीनी हो सकती है, इसलिए ताजी चेरी बेहतर विकल्प हो सकती है।
कुल मिलाकर, चेरी स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट यौगिकों से भरपूर फल है। इसे संतुलित आहार में अन्य मौसमी फलों के साथ शामिल किया जा सकता है।


















