एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय दल को कल नई दिल्ली में युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की उपस्थिति में भव्य विदाई दी गई। डॉ. मांडविया ने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, खेल सचिव हरि रंजन राव और मिशन प्रमुख सहदेव यादव के साथ मिलकर खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों की उपस्थिति में भारतीय दल की आधिकारिक जर्सी का अनावरण किया।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मांडविया ने भारतीय एथलीटों से आग्रह किया कि वे दबाव को प्रदर्शन में बदलें, विरोधियों को अवसरों के रूप में देखें और उन अवसरों को उपलब्धियों में तब्दील करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारतीय खेलों के प्रति दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने एथलीटों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए नए रास्ते बनाए हैं।
डॉ. मांडविया ने भारतीय खेलों की बढ़ती समृद्धि और उभरती युवा प्रतिभाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 503 सदस्यीय दल में से तीन सौ से अधिक एथलीट पहली बार एशियाई खेलों में भाग ले रहे हैं। ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों 2026 में भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण पदक जीते थे और इस बार यह संख्या 35 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य 2036 तक विश्व खेल मंच पर भारत को मजबूती से स्थापित करना है, जब देश ओलंपिक खेलों की मेजबानी करना चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि इस दस वर्षीय योजना में खेल अवसंरचना में सुधार के लिए 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन शामिल है।
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने हमें सूचित किया है कि एशियाई खेल 2026 जापान में आयोजित किए जाएंगे, जहां भारतीय दल विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा करेगा। 503 सदस्यीय दल में खिलाड़ी और सहायक कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें से तीन सौ से अधिक खिलाड़ी एशियाई खेलों में अपना पदार्पण करने जा रहे हैं, जो भारतीय खेल जगत की बढ़ती प्रतिभा और क्षमता को दर्शाता है।


















