रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि उनका देश मौजूदा मोर्चों पर लड़ाई रोकने के विकल्प पर विचार करने को तैयार है, लेकिन इसके लिए यूक्रेन अपनी जमीन रूस को सौंपने के पक्ष में नहीं है। जेलेंस्की का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों और संभावित शांति समझौते को लेकर चर्चाएं जारी हैं। यूक्रेन का मानना है कि युद्धविराम का रास्ता तलाशना जरूरी है, लेकिन देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं किया जा सकता। मौजूदा मोर्चों पर संघर्ष रोकने का प्रस्ताव दोनों देशों के बीच जारी लड़ाई को सीमित करने की दिशा में एक संभावित कदम हो सकता है। हालांकि, इस पर सहमति बनना आसान नहीं है, क्योंकि रूस और यूक्रेन के बीच कब्जे वाले क्षेत्रों को लेकर गहरे मतभेद बने हुए हैं।
जेलेंस्की ने अमेरिकी समाचार चैनल एबीसी न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि यूक्रेन जल्द से जल्द युद्ध समाप्त करना चाहता है और इसके लिए मौजूदा संपर्क रेखा पर संघर्ष रोकने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों को रूसी क्षेत्र के रूप में मान्यता देना स्वीकार नहीं होगा। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस के नियंत्रण में यूक्रेन का लगभग 19.3 प्रतिशत क्षेत्र है। उन्होंने डोनबास क्षेत्र से यूक्रेनी सेना की पूर्ण वापसी की मांग को भी खारिज किया।
जेलेंस्की ने यह भी संकेत दिया कि किसी भी शांति समझौते के साथ यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस गारंटी जरूरी होंगी। उनका कहना है कि युद्धविराम के बाद भी देश को अपनी रक्षा क्षमता मजबूत बनाए रखनी होगी, ताकि भविष्य में दोबारा हमले की आशंका कम की जा सके। इस बीच, अमेरिका की मध्यस्थता से रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच नवंबर में फिर से त्रिपक्षीय वार्ता शुरू होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, क्षेत्रीय नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और डोनबास के भविष्य जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद कायम हैं। ऐसे में जेलेंस्की का मौजूदा मोर्चों पर लड़ाई रोकने का प्रस्ताव शांति की दिशा में एक संभावित रास्ता तो दिखाता है, लेकिन स्थायी समझौते तक पहुंचने के लिए रूस और यूक्रेन को कई जटिल सवालों पर सहमति बनानी होगी

















