UN ने दक्षिणी सऊदी अरब में हूतियों के हमलों की निंदा की, नागरिकों की सुरक्षा पर जताई चिंता


विदेश 09 September 2026
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UN ने दक्षिणी सऊदी अरब में हूतियों के हमलों की निंदा की, नागरिकों की सुरक्षा पर जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दक्षिणी सऊदी अरब में कई जगहों पर किए गए सीमा पार हमलों की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इन हमलों में नागरिक और ऊर्जा से जुड़ा बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है।

UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र हमलों में नागरिकों के हताहत होने की खबरों को लेकर भी बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि संगठन यमन के भीतर कई मोर्चों पर बढ़ती सैन्य झड़पों और संभावित नागरिक हताहतों की रिपोर्ट को लेकर भी गंभीर रूप से चिंतित है।

UN ने संयम बरतने की अपील की

दुजारिक ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को और बढ़ने से रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए और नागरिकों या नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान नागरिक आबादी और नागरिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए लगातार जरूरी सावधानी बरती जानी चाहिए।

यमन के लिए UN के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग मौजूदा तनाव को नियंत्रित करने और बातचीत के लिए जगह बनाए रखने के उद्देश्य से सभी पक्षों के साथ सीधे संपर्क में हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि सैन्य तनाव बढ़ने से यमन के राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा हालात पर गंभीर असर पड़ सकता है।

हजारों परिवार विस्थापित, मानवीय मदद की जरूरत बढ़ी

UN के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने कहा कि यमन में लड़ाई बढ़ने से ऐसे समुदाय बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जो एक दशक से ज्यादा लंबे संघर्ष के बाद पहले ही मुश्किल हालात में हैं।

OCHA के मुताबिक, गुरुवार से ताइज़ और दक्षिणी अल होदेइदाह प्रांतों में 5,600 से ज्यादा परिवार विस्थापित हो चुके हैं। पिछले एक सप्ताह में कम से कम 11 नागरिकों के हताहत होने की खबर है, जिनमें दो बच्चों की मौत और नौ लोगों के घायल होने की जानकारी है।

मारिब प्रांत में सप्ताहांत के दौरान विस्थापित लोगों के ठिकानों पर गोलाबारी की खबर मिली। इसमें दो बच्चों की मौत और 15 अन्य लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। कई आश्रय स्थल नष्ट हो गए हैं और प्रभावित परिवारों को खुले में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

OCHA ने बताया कि मानवीय सहायता संगठन राहत पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। सोमवार तक करीब 2,340 परिवारों को आपातकालीन सामान उपलब्ध कराया गया है। इनमें मुख्य रूप से ताइज़ के परिवार शामिल हैं, जबकि मारिब और अबयान में भी सहायता पहुंचाई गई है।

हालांकि, जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र की 2.2 अरब डॉलर की मानवीय अपील अभी केवल 20 प्रतिशत ही वित्त पोषित हुई है।

संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने की अपील की है। UN ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, उन्हें सुरक्षित इलाकों में जाने की अनुमति दी जानी चाहिए और जरूरतमंद लोगों तक मानवीय सहायता बिना किसी बाधा के पहुंचने दी जानी चाहिए।

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