उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच 30 मिनट की कनेक्टिविटी की योजना बनाई है।


देश 08 September 2026
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उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच 30 मिनट की कनेक्टिविटी की योजना बनाई है।

अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) ने ग्रेटर नोएडा में माल और यात्री आवागमन को अलग करने और गंगा एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण का प्रस्ताव दिया है।

इस प्रस्ताव पर सोमवार को लखनऊ में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा की गई।

मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक कुमार भी उपस्थित थे।

जीएनआईडीए के अधिकारियों ने कहा कि इस सड़क के बनने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच की दूरी घटकर लगभग 30 से 45 मिनट रह जाएगी।

बयान में कहा गया है कि कनेक्टिविटी को लगभग 15 किलोमीटर तक बढ़ाने से ग्रेटर नोएडा गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।

प्राधिकरण ने मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक छह लेन की एलिवेटेड सड़क का भी प्रस्ताव रखा है।

बयान के अनुसार, प्रस्तावित सड़क, जो पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के समानांतर चलती है, विशेष रूप से माल ढुलाई के लिए बनाई गई है और हवाई अड्डे से जुड़ेगी, ताकि लॉजिस्टिक्स हब से सामान सीधे एयर कार्गो टर्मिनल तक पहुंचाया जा सके।

बयान में कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा में आने वाली प्रमुख परियोजनाओं में एमएमएलएच और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) शामिल हैं और इनसे माल ढुलाई में सुविधा होने और लॉजिस्टिक्स हब और हवाई अड्डे के बीच यातायात प्रवाह में सुधार होने की उम्मीद है।

ये प्रस्ताव ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान 2041 में संशोधन करने की योजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत माल ढुलाई और यात्री आवागमन को अलग किया जाएगा।

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