जैन संवेदना ट्रस्ट का मानव सेवा-मानव कल्याण का चातुर्मास 28 से

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जैन संवेदना ट्रस्ट का मानव सेवा-मानव कल्याण का चातुर्मास 28 से

जैन संवेदना ट्रस्ट इस वर्ष जीवदया, मानव कल्याण व साधर्मिक भक्ति का चातुर्मास मनाएगा। महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि जियो और जीने दो भगवान महावीर स्वामी ने मूलमंत्र विश्व को दिया है। चातुर्मास काल में दया करूणा अहिंसा भाईचारा के गुणों का हमारे जीवन में विकास होना चाहिये। जैन संवेदना ट्रस्ट ने साधर्मिक भक्ति जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय किया है। 

ट्रस्ट का मानना है कि पूरे देशभर में चातुर्मास में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से अनुमानित 2000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। जैन संवेदना ट्रस्ट चातुर्मास समितियों से पत्र लिखकर आग्रह करेगा कि इस खर्च में 10 प्रतिशत की कटौती कर उस बचत राशि का साधर्मिक भाई बहनों के व्यवसायिक व सामाजिक उत्थान में सहयोग करे। जैन संवेदना ट्रस्ट भी प्रयास करेगा कि जैन भाई बहनों के आर्थिक मदद की जा सके इस हेतु समर्थवान जैन बंधुओं को सहयोग हेतु प्रेरित किया जावेगा। 

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