वेदांता हादसे पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

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वेदांता हादसे पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे और उससे जुड़ी कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सवालों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन किया।

सवाल-जवाब से पहले हुई नोकझोंक
प्रश्नकाल के दौरान जैसे ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सवाल पूछने के लिए खड़े हुए, विधायक अजय चंद्राकर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस आज अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली है, फिर सवाल क्यों पूछ रही है। इस पर डॉ. महंत ने चुटकी लेते हुए कहा, "लगता है आपको दिनभर चढ़ी रहती है।" इसके बाद सदन में कुछ देर तक हल्की नोकझोंक का माहौल बना रहा।

वेदांता हादसे पर सरकार से जवाब तलब
डॉ. चरणदास महंत ने सक्ती स्थित वेदांता प्लांट में हुए हादसे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस दुर्घटना में 25 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हैं। उन्होंने सरकार द्वारा दोषियों की संख्या दो बताए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन को गलत जानकारी दी जा रही है।

उद्योग मंत्री लखन देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि मामले में वेदांता के प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल सहित दो अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और जांच जारी है। इस पर डॉ. महंत ने पूछा कि अब तक अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए क्या कार्रवाई की गई है। मंत्री ने कहा कि मामले की विवेचना चल रही है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

भूपेश बघेल का सरकार पर हमला
बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वेदांता के एमडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सरकार उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है ताकि वे अपना कारोबार समेटकर प्रदेश छोड़ दें।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अन्य औद्योगिक हादसों में संबंधित कंपनियों के निदेशकों पर ऐसी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या भविष्य में सभी औद्योगिक दुर्घटनाओं में जिम्मेदार कंपनी निदेशकों के खिलाफ समान कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष का वॉकआउट
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और विरोध स्वरूप विधानसभा से बहिर्गमन कर दिया। 

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