जंग में इस्तेमाल होने लगा AI! ईरान पर हमले के लिए ट्रंप की आर्मी ने लिया नई टेक्नोलॉजी का सहारा- रिपोर्ट


विदेश 02 March 2026
post

जंग में इस्तेमाल होने लगा AI! ईरान पर हमले के लिए ट्रंप की आर्मी ने लिया नई टेक्नोलॉजी का सहारा- रिपोर्ट

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ जंग छेड़ दी और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया. अमेरिकी हथियारों के सामने  ईरान बैकफुट पर नजर आ रहा है.

अमेरिका ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किया था और उसने अपने हमलों में कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया. खास बात है

कि एक रिपोर्ट के अनुसार इन हमलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें एंथ्रोपिक कंपनी के क्लॉड टूल्स शामिल थे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन ने ईरान पर हमले के दौरान AI सेवाओं का उपयोग किया है.

एंथ्रोपिक के उपयोग की बात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ समय पहले अमेरिका ने ही इस कंपनी को सप्लाई चेन के लिए जोखिम और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह पता नहीं लगा पाया गया कि इन AI टूल्स का युद्ध में ठीक किस तरह इस्तेमाल हुआ है, लेकिन इस बात की पुष्टि की गई है कि इनका इस्तेमाल तो हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार इस मामले पर पेंटागन और एंथ्रोपिक ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की.

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने यह भी बताया कि उसने पहली बार ऐसे सुसाइड ड्रोन इस्तेमाल किए जो तस्वीरों के अनुसार नए लुकास (लो कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम) जैसे दिखाई देते हैं.

यह सिस्टम एरिजोना की कंपनी स्पेक्ट्रवर्क्स बनाती है, लेकिन कंपनी ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की. पेंटागन के अनुसार पहली बार सेंटकॉम ने ऐसे वन-वे अटैक ड्रोन भी इस्तेमाल किए जो ईरान के शहीद ड्रोन जैसे मॉडल पर बने हैं.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए, जिनमें एफ-ए-18 और एफ-35 लड़ाकू विमान ईरान पर हमले करते दिखाई दिए. सोमवार सुबह सेंटकॉम ने एक्स पर और तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि हमले अभी भी जारी हैं. पोस्ट में ऑपरेशन के पहले 24 घंटों में इस्तेमाल किए गए हथियारों और निशाना बनाए गए ठिकानों की सूची भी दी गई.

You might also like!