स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रमुख नियामक सुधारों को मंजूरी दे दी है। राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद इन सुधारों को अंतिम रूप दिया गया है और ये गैर-वित्तीय नियामक सुधारों पर उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के अनुरूप हैं। मंत्रालय ने कहा कि नए सुधारों का उद्देश्य नियामक बोझ को कम करना है, जिसमें एफएसएसएआई पंजीकरण और लाइसेंस की शाश्वत वैधता का प्रस्ताव भी शामिल है। मंत्रालय ने आगे कहा कि संशोधित ढांचे के तहत, पंजीकरण और लाइसेंस की शाश्वत वैधता होगी, जिससे बार-बार नवीनीकरण की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। यह सुधार खाद्य व्यवसाय संचालकों (एफबीओ) के लिए अनुपालन लागत, कागजी कार्रवाई और लाइसेंसिंग अधिकारियों के साथ बार-बार संपर्क करने की आवश्यकता को काफी हद तक कम करेगा, साथ ही संचालन की निरंतरता में सुधार करेगा।
मंत्रालय ने आगे कहा कि ये सुधार नागरिकों के लिए सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, साथ ही खाद्य उद्योग के लिए एक पारदर्शी, कुशल और व्यवसाय-अनुकूल नियामक वातावरण को बढ़ावा देते हैं।

















