मिशन जल रक्षा का दिखाई दे रहा असर


छत्तीसगढ़ 28 February 2026
post

मिशन जल रक्षा का दिखाई दे रहा असर

राजनांदगांव । जिले में मिशन जल रक्षा का असर अब दिखाई दे रहा है। जिले में गिरते हुए भू-जल स्तर के दृष्टिगत किसान रबी सीजन में धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कलेक्टर  जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे मिशन जल रक्षा के क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायत, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं अन्य सभी संबंधित विभागों द्वारा समन्वित तरीके से कार्य किया रहा है। जिसके सुखद परिणाम प्राप्त हो रहे है। यह अभियान जनसहभागिता से चलाया जा रहा है तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनमानस को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। धान की फसल में पानी की अधिक आवश्यकता को देखते हुए किसानों का रूझान अब फसल विविधीकरण की ओर बढ़ रहा है। जिससे उनकी जागरूकता परिलक्षित हो रही है।

छुरिया विकासखंड के किसान  कामता साहू ने जल संरक्षण अभियान से प्रेरित होकर 10 एकड़ में धान फसल की जगह गेहूं, चना की फसल ली है। उन्होंने बताया कि किसानों को भी ग्रीष्म ऋतु में धान के बदले अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे है। धान के बदले प्याज फसल प्रदर्शन के तहत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम धामनसरा के किसान  गणेश राम पटेल ने 0.5 हेक्टेयर, ग्राम कुम्हालोरी की कृषक श्रीमती प्रभा बाई मंडावी ने 1 हेक्टेयर, ग्राम कुम्हालोरी के कृषक श्रीमती पुराईन बाई ने 1.800 हेक्टेयर में प्याज की फसल लगाई है। किसानों का रूझान धनिया की फसल की ओर भी बढ़ा है। ग्राम धामनसरा के कृषक  मनसुख पटेल ने 0.800 हेक्टेयर में, ग्राम सुरगी के कृषक प्रद्धुम साहू ने 0.400 हेक्टेयर में, ग्राम सुरगी के कृषक  नेतराम साहू ने 0.400 हेक्टेयर में, ग्राम भर्रेगांव के कृषक  बसदेव निषाद ने 0.025 हेक्टेयर में धनिया की फसल ली है।

You might also like!