आज की तनावभरी जीवनशैली में घंटों कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठने और अनियमित खान-पान के कारण सिर दर्द और माइग्रेन जैसी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं। अक्सर लोग दर्द से राहत पाने के लिए तुरंत पेनकिलर का सहारा लेते हैं, लेकिन इसके लंबे समय तक सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। योग विज्ञान में सिर दर्द का इलाज संभव है। अधो मुख श्वानासन: यह आसन पूरे शरीर को स्ट्रेच करने के साथ-साथ सिर की ओर रक्त संचार को बढ़ाने में मदद करता है। इसमें हथेलियों और तलवों को जमीन पर टिकाकर शरीर को 'V' आकार में ऊपर उठाया जाता है। इससे गर्दन की मांसपेशियों का खिंचाव दूर होता है, जो अक्सर सिर दर्द का मुख्य कारण होता है। नियमित अभ्यास से माइग्रेन के दौरों की आवृत्ति काफी हद तक कम हो जाती है।
शिशुआसन: शिशुआसन तंत्रिका तंत्र को शांत करने और गर्दन व कंधों के तनाव को दूर करने के लिए सबसे सरल और प्रभावी आसन है। इसे करने के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं और झुकते हुए माथे को जमीन से लगाएं। यह मुद्रा मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को संतुलित करती है और मानसिक थकान को कम करती है। गहरी सांस लेते हुए इस अवस्था में 2-3 मिनट रुकें, जिससे सिर का भारीपन तुरंत कम होने लगता है। सेतुबंधासन: सेतुबंधासन न सिर्फ पीठ के लिए अच्छा है, बल्कि यह छाती, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को खोलकर तनाव कम करता है। पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और कूल्हों को ऊपर उठाएं। यह आसन चिंता और थकान को दूर कर मस्तिष्क को शांत करता है। जब गर्दन और कंधों की नसें रिलैक्स होती हैं, तो सिर दर्द में जादुई तरीके से सुधार महसूस होता है।
उत्तानासन: खड़े होकर आगे की ओर झुकने वाला यह आसन थकान और डिप्रेशन को दूर करने के लिए रामबाण है। इसमें आपके सिर का स्तर हृदय से नीचे चला जाता है, जिससे मस्तिष्क को भरपूर ऑक्सीजन और रक्त मिलता है। यह आपकी नसों को पुनर्जीवित करता है। यदि आपको साइनस के कारण सिर दर्द है, तो यह आसन अवरुद्ध मार्गों को खोलने में बहुत सहायक सिद्ध होता है।
सिर दर्द से परेशान हैं? रोज सुबह करें ये चार योग



















